कुछ पल तेरे संग शायरी, kuchh pal tere sang shayari in hindi.
आईने पर भी ऐतबार नहीं था उसको
मुझसे रोज पूछती थी कैसी लग रही हूँ।
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झुका ली उन्होंने नज़र जब मेरा नाम आया,
इश्क़ मेरा नाकाम ही सही, पर कही तो काम आया।
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तुम्हारा इश्क तुम्हारी वफ़ा ही काफी है,
तमाम उम्र यह आसरा ही काफी है ।
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जब छोड़ने की कोई वजह ना मिली तो,
मोहब्बत करना गुनाह है कह कर छोड़ दिया।
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किसी को निहारते वक्त,
आप सबसे खूबसूरत होते है ।
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नाम छोटा है, मगर दील बडा रखता हु,
पैसो से इतना अमीर नही।
मगर अपने यारो के गम खरीदने की,
औकात रखता हु ।।
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मोहब्बत सरेआम नहीं बस,
अहसास होने चाहिए,
हम उन्हें चाहते हैं,
सिर्फ उन्हें पता होना चाहिए।।
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कहेंगे कुछ तो हर बार तेरा ही जिक्र होगा,
हमारी हर बात अधूरी है तेरे नाम के बग़ैर।
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क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे,
मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे।
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झुका ली उन्होंने नज़र जब मेरा नाम आया,
इश्क़ मेरा नाकाम ही सही, पर कही तो काम आया।
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