Hindi shayari
जिसके दिल में जुनून है कुछ पाने का
वही लिखेगा इतिहास नए जमाने का ।
चांदनी रात अलविदा कह रही है,
एक ठंडी सी हवा दस्तक दे रही है,
उठकर देखो आँखों से नजारों को,
एक प्यारी सी सुबह आपको गुड मोर्निंग कह रही है .......!
मुसलसल हर रोज़ बात होती है,
तेरी तस्वीर से मुलाक़ात होती है,
मुकम्मल तो अब तलक नहीं हूई,
एक मुद्दत हुई होंठों से होंठों की बात हूई ।
भूल तेरी माफ़ की
हर खता को तेरी भुला दिया
गम है कि, मेरे प्यार का
तूने बेवफा बनके सिला दिया ।।
इजहार-ए-इश्क तुमसे इस कदर होने लगा है
जैसे सूरज चांद की रोशनी में खोने लगा है..!
ज़िंदगी सिर्फ़ मुहब्बत की ख़ुश्बू ही नहीं,
ज़हरीले काँटों का जंगल भी है।
उठों चलो बढ़ते रहो,
पराजय से डरो नहीं ,
परवाह किसी की करो नहीं,
जीवन का संघर्ष यही।
सब कुछ मिल जाएगा जिंदगी में
अगर सब कुछ मिल जाएगा जिंदगी में
तो तमन्ना किसकी करोगे
कुछ अधूरी ख्वाइसे ही जिंदगी जीने का मज़ा देती हैं।
पा सके तो क्या गम है,
माँ-बाप को पाया है ये क्या कम है,
जो थोड़ी सी जगह मिली इनके कदमों में,
वो क्या किसी जन्नत से कम हैं।
बर होकर दुनिया से इतने दूर चले जाएंगे
फिर लाख बुला ऐ ज़िंदगी ना लौट कर आएंगे,
मंजिले, ये जहान फिर आसान सा लगेगा
मौत की गोद मे हम जब सर रख जो सोजयेंग।
तुम हमें ढूंढते रहे हमारी कही गई बातों में,
जबकि हम तो मौजूद थे उन बातों में जो हम कभी कह न पाए।
लो आज हमनें तोड़ दिया तुमसे रिश्ता-ए-उम्मीद
लो अब गिला न करेंगे तुमसे कभी हम
अर्श लम्हा ऐसे ही बीत रहा
हर रात यूं ही तन्हा जाग कर,
हर रात दिल ये मुझसे कहता है
अब तो वो यादें जला कर राख कर,
मिल जाए जो खुदा तो पूछना
पर ना खुद को तू यूं खाक कर......
सपना है आँखों में मगर नींद नहीं है
दिल तो है जिस्म में मगर धड़कन नहीं है
कैसे बयाँ करें हम अपना हाल-ए-दिल
जी तो रहें हैं मगर ये ज़िंदगी नहीं है
नींद आती है सपने लेकर,
हमारी दुआ है कि आज की सुबह आये
आपके लिए बहुत सारी खुशियाँ लेकर!
लोटे जैसे डोले खाता फिरता आदम बाजा रे
खटिया खड़ी होन से पहिले आजा देवा आजा रे
अंदाजे से ना नापिये, किसी इंसान की हस्ती,
ठहरे हुए दरिया अक्सर, गहरे हुआ करते हैं।
समय के साथ सबकुछ बदल जाए,
कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता मेरे दोस्त
बस तुम कभी मत बदलना
न रिश्ते तीन वक्त में बे नकाब हो जाते हैं
बुढ़ापे में औलाद,मुसीबत में दोस्त और
घुरबत(गरीबी)में बीबी।
तुम हमें ढूंढते रहे हमारी कही गई बातों में,
जबकि हम तो मौजूद थे उन बातों में जो हम कभी कह न पाए।
इस दिल को तसल्ली तो होने दो, अधूरी सही,
उसको मोहब्बत तो होने जब मन भारी लगे,
किसी काम में दिल ना लगे, तो सिर्फ एक काम करना,
आराम से चद्दर तान के सो जाना सारी टेंशन दूर हो जाएगी।
जब ऊँच निच समझाने में माथे की नस दुख जाती हैं,
तब कभी उसकी बहुत याद आती हैं।।
फूलों ने अमृत का जाम भेजा हैं,
सूरज ने गगन से सलाम भेजा हैं,
मुबारक हो आपको नयी सुबह,
तहे दिल से हमने ये पैगाम भेजा हैं!
जिंदगी में कुछ पाना हो तो खुद पर ऐतबार रखना
सोच पक्की और क़दमों में रफ़्तार रखना
सफलता मिल जाएगी एक दिन निश्चित ही तुम्हें
बस खुद को आगे बढ़ने के लिए तैयार रखना
क्या हिंदी में बात करना पाप हैं ?
हाँ या नहीं
हाँ हैं अगर तो क्यो?
नहीं अगर तो क्यो?
सभी अपना जबाब दे अपने आप से पूछकर
पलक झुकाकर सलाम करते हैं,
दिल की दुआ आपके नाम करते हैं,
कुबूल हो अगर तो मुस्कुरा देना,
हम यह प्यारा सा दिन आपके नाम करते हैं।
आंखों में नींद बहुत है पर सोना नहीं है
यही समय है कुछ करने का मेरे
दोस्त इसे खोना नहीं है ।
तू इश्क है मेरा क्या ऐसे ही जाने दूं तुझे
तू मेरी जवानी का सबसे मसरूफ किस्सा है
क्या ऐसे ही हार जाऊं - क्या हार जाऊं तुझे ।
मेरी कहानी में कई किरदार हैं
पर वो एक ही तो मुझे खुश रखता हैं
मेरी कहानी में कई दर्द हैं
पर ये दर्द ही तो मुझे ज़िंदा रखता हैं।
हर पल जो होंसला बढ़ाये वो है माँ
हर पल जो प्यार बरसाए है वो है माँ
हर लम्हा अपने बच्चो की फ़िक्र करती
इस दुनिया में सबसे प्यारी हस्ती वो है माँ ।
ईज़ार ख़तम हुआ है ?
या शुरू हुआ है ?
यह यार मिला है मुझे ?
या यह प्यार शुरू हुआ है ?
जिन मंज़िलों के रास्ते में थे हम
पा ली है वो मंज़िल ?
या यह फिर एक सफर नया शुरू हुआ है ?
तेरी आंचल ने मुझको
ऐसे छुआ,
जैसे सुबह की बारिश में
उठता धुआं।
दिल से मिले दिल तो सजा देते है लोग
प्यार के जज्बातों को डुबा देते है लोग
दो इँसानो को मिलते कैसे देख सकते है
जब साथ बैठे दो परिन्दो को भी उठा देते है लोग
हर्ज तो इस बात से है कि
बेखौफ रहने वाला इंसान
अब अंधेरों में जीना सीख गाया,
हमेशा जिसकी बातें खतम नही होती थी
वो ख़ामोश रहना सीख गाया.....।
ज़मीन पर खास कोई है नहीं मेरा,
गवाहों को मैं आसमान से बुलाऊंगा।
मैंने एक शायरी लिखी हैं ,
तुम मिलोगी तो सुनाऊंगा।
चेहरे पे लाली उसके क्या खूब जचती है
लाल साड़ी में वो क्या खूब लगती है
और जान मेरी बस निकल ही जाती है
जब जब वो सजकर निकलती है
पेट को अपना गुलाम बनाओ बादशाह बन जाओगे
इसके गुलाम बने तो ये भिकारी बना देगा।
यकीनन आज कल चर्चे है हमारे ,
लगता है फिर दूर जायेंगे हमसे हमारे।
कितना बोला, कितना सहा,
कुछ बोलते-बोलते रह गये..
तुम सच्चे हम जुठ्ठे के खैल मे,
न जाने कितने रिश्ते बह गये।

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