पलके झुका कर सलाम करते हैं,

हम तहे दिल से आपके लिए दुआ करते हैं,

कुबूल हो तो बस मुस्कुरा देना,

हम ये प्यारा सा दिन आपके नाम करते हैं.


मेरी कहानी में कई किरदार हैं

पर वो एक ही तो मुझे खुश रखता हैं

मेरी कहानी में कई दर्द हैं

पर ये दर्द ही तो मुझे ज़िंदा रखता हैं


अकेले रोना भी क्या खूब कारीगरी है,

सवाल भी खुद के होते है

और जवाब भी खुद के।


नया सवेरा है नयी सुबह है

नए दिन की उमंग बहुत है

खोल दो आँखें अब तुम भी जल्दी से 

बिन तेरे हर लम्हा मुश्किल है


तेरे चेहरे को जिस दिन देख लूँ

चाहत मेरी बढ़ जाती है

तेरे होठों की मुस्कान से आधा

चांद बन जाए तो मेरी ईद हो जाती है..!


इरादा मत रख काबिज का,

नाचीज़ हो जायेगा,

महोब्बत हो अगर सच्ची, 

खुदा भी हांसिल होगा...



गर्मियों की दोपहर की सख़्त धूप,

आजकल इतना नहीं जलाती

जितना ठंडी छांव सी तेरी छुवन की यादें!



तुझे देख कर इक सुकून सा मिलता है,

जैसे जलती धूप से छांव में आराम मिलता है।


तुमपे मरते हैं तो मार डालोगे क्या ?

क्यों सितम करते हो मार डालोगे क्या? 


जब उमर ढल जाएगी ना तब पता चलेगा,

जिंदगी थी, 

जीनी थी,

रह गई ।